Sankashti Chaturthi 20226 Moon Rise Timing: आज यानी रविवार को संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही गणपति जी की भी खास कृपा प्राप्त होती है। आपको बता दें कि प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने का विधान है। हर महीने में आने वाली संकष्टी चतुर्थी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विकट संकष्टी के रूप में मनाया जाता है। तो आज विकट संकष्टी चतुर्थी है।
आज के दिन पूरा दिन उपवास रखकर गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही बप्पा को उनकी प्रिय चीजें अर्पित की जाती है। संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय का भी विशेष महत्व होता है। दरअसल, संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण चंद्रोदय के बाद ही किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि आज चांद कितने बजे निकलेगा। साथ ही जानेंगे पारण नियम के बारे में।
विकट संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय का समय
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 5 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 59 मिनट पर होगा। चतुर्थी तिथि का समापन 6 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर होगा। इस मुहूर्त में विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा करना फलदायी रहेगा। वहीं संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय यानी चांद निकलने का समय रात 9 बजकर 54 मिनट रहेगा। चंद्रोदय के बाद ही विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण करें।
संकष्टी चतुर्थी व्रत पारण नियम
- संकष्टी चतुर्थी का व्रत सूर्योदय से शुरू होकर रात्रि में चंद्रोदय तक रहता है। बिना चंद्रमा को देखे और उनकी पूजा किए बिना व्रत नहीं खोलना चाहिए।
- संकष्टी चतुर्थी व्रत पारण करने से पहले भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें।
- इसके बाद चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें। चांदी के पात्र या स्टिल लोटे में जल, दूध और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- फिर चंद्रमा के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करें। इसके बाद संकष्टी चतुर्थी व्रत का पारण करें यानी अपना व्रत खोलें।
- व्रत खोलने के बाद सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज) से परहेज करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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